सांसद आदर्श योजना के
तहत गांव सांसद धर्मेन्द्र यादव ने
भले ही
एक ही
वित्तीय वर्ष को गांव गोद लिया हो, मगर
विकास से
गांव की
तस्वीर ही
बदल दी।
चाहे वह
आवास योजना हो, डॉ.
राम मनोहर लोहिया ग्राम योजना हो।
यहां तक
कि पेंशन से लेकर मंडी समिति की योजनाओं से भी
गांव के
लोगों को
लाभांवित किया है। हालांकि,
रोजगार परख
कॉलेज और
अस्पताल-स्टेडियम का सपना अब तक
अधूरा है।
लेकिन, पानी से
लेकर सड़कों तक के
विकास में
कमी नहीं छोड़ी।
वित्तीय वर्ष 2016-17
में केंद्र सरकार की
सांसद आदर्श गांव योजना के लिए
जिले में
सांसद धर्मेन्द्र यादव ने
दहंगवा ब्लाक के गांव दुर्गपुर जरीफनगर को चुना। इस दौरान सपा की
राज्य में
सरकार थी
और सपा
से वह
सांसद रहे,
इसलिए गांव में केंद्र एवं राज्य दोनों सरकार की योजनाओं की गांव में सड़क से लेकर पेंशन, शिक्षा से लेकर स्वास्थ, घर
से लेकर बारातघर और
थाना सौंदर्यीकरण तक विकास कराए। इससे गांव की
तस्वीर को
बदलकर रख
दिया। 800 परिवार वाले गांव की आज
तस्वीर बदल
गई है,
गांव केवल एक ही
वित्तीय वर्ष के लिए
सांसद आर्दश गांव रहा। मगर विकास से बदहाली दूर हो
गई। दूसरे वर्ष में
गांव आदर्श गांव की
योजना से
वांचित हुआ
और फिर
सत्ता का
बदलाव हुआ। इसी बीच
गांव की
कुछ विकास के कार्य छूट गए,
जो जनता आज भी
मांग रही
है, चाहे वह
रोजगार परख
कॉलेज वो
या फिर
अस्पताल और
स्टेडियम हो।







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